कलाम जयंती पर विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स तकनीक को समझा, नवाचार के लिए बढ़ाए कदम

सक्ती। जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय झालरौंदा में भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों को रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीक की जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिक्षक महेन्द्र कुमार चन्द्रा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विद्यालय की रोबोटिक्स लैब में विभिन्न तकनीकी उपकरणों और उनके उपयोग के बारे में सीखा।
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने सेंसर, आर्डुइनो ऊनो, मोटर ड्राइवर सहित रोबोट निर्माण में उपयोग होने वाले विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली को समझा। उन्हें बताया गया कि इन उपकरणों की सहायता से स्वचालित रोबोट एवं उपयोगी तकनीकी मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।
शिक्षक महेन्द्र कुमार चन्द्रा ने बताया कि वर्तमान समय विज्ञान, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना आवश्यक है, ताकि उनमें वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, समस्या समाधान तथा नवाचार की क्षमता विकसित हो सके। इसी उद्देश्य से विद्यालय में स्वयं के प्रयासों से रोबोटिक्स लैब विकसित की गई है, जहाँ विद्यार्थी प्रयोगों के माध्यम से सीख रहे हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के संघर्षपूर्ण जीवन, उनकी मेहनत, वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा देश के विकास में उनके योगदान के बारे में भी विस्तार से बताया गया। उन्हें प्रेरित किया गया कि वे डॉ. कलाम के सपनों से प्रेरणा लेकर बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और अपने ज्ञान एवं कौशल से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान दें। विद्यालय में आयोजित यह गतिविधि विद्यार्थियों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि विकसित करने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।



