राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव 26 जून को

जांजगीर-चाम्पा। बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल में शुक्रवार 26 जून को राज्य स्तरीय मशरूम (पुटू) महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार स्व कुंजबिहारी साहू की जन्म जयंती अवसर पर आयोजित इस मशरूम महोत्सव में प्रदेशभर के किसान, क़ृषि विशेषज्ञ, मशरूम उत्पादक, युवा उद्यमी और क़ृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
इस सम्बन्ध में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण विपणन और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। साथ ही, किसानों, महिला एवं स्व सहायता समूहों, युवाओं और क़ृषि उद्यमियों को स्व रोजगार के नए अवसरों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मशरूम की प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र
किसान स्कूल टीम के डॉ. सुरेश देवांगन, रामाधार देवांगन ने बताया कि महोत्सव के दौरान विविध प्रकार की प्राकृतिक मशरूम, कृत्रिम मशरूम की प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। इसके अलावा मशरूम उत्पादन, एवं उद्यमिता विषयक तकनीकी सत्र सफल उद्यमियों का अनुभव साझा कार्यक्रम तथा राज्य स्तरीय मशरूम प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीकों, बाजार की सम्भावनाओं और मशरूम आधारित व्यवसाय के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी।
मशरूम मित्र सम्मान से होंगे सम्मानित
महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले मशरूम प्रतियोगिता में शामिल होने वाले मशरूम उत्पादकों को वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल टीम द्वारा मशरूम मित्र सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। किसान स्कूल के सदस्यों ने बताया कि मशरूम उत्पादन, कम लागत में अधिक आमदनी देने वाला ब्यवसाय है। आज के समय में यह खेती बेरोजगार युवाओं, युवतियों, बिहान से जुड़ी स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए स्व रोजगार का प्रभावी माध्यम से लोगों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करने के लिये प्रेरित किया जाएगा।
चार थीम पर आधारित है यह मशरूम महोत्सव
किसान स्कूल के संचालक एवं मशरूम के मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव ने बताया कि किसान स्कूल में 26 जून को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव, चार थीम को लेकर किया जा रहा है, जिसमें मशरूम उत्पादन समेत पोषण, रोजगार, और आत्मनिर्भरता की ओर एक सशक्त कदम रखी गई है, जो क़ृषि आधारित रोजगार और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का सन्देश देता है। यह मशरूम महोत्सव, छत्तीसगढ़ में पहली बार भाजी महोत्सव की तर्ज पर किया जा रहा है।




