जैजैपुर

जी.एस.सी. स्कूल के नन्हें बच्चों ने ग्रीन- डे मनाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

नगर में संचालित क्षेत्र के एकमात्र भरोसेमंद शैक्षिणक संस्थान जी.एस.सी. इंग्लिश मीडियम स्कूल, जैजैपुर में 20 जुलाई 2024, शनिवार को ग्रीन- डे मनाया गया। बच्चे पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरे रंग के परिधान डालकर पहुंचे। स्कूली बच्चों ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। हम अपनी प्रकृति की रक्षा के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए हरित दिवस मनाते हैं। यह हमारे जीवन जितना ही आवश्यक है। हम अपनी धरती माता पर रहते हैं, सभी जीवित प्राणी यहीं जीवित रहते हैं, और पृथ्वी हमें वह सब कुछ देती है जो एक जीवित प्राणी को अंत तक जीवित रहने के लिए आवश्यक है। यह हमें भोजन, पानी और कई अन्य चीजें प्रदान करता है। इस अवसर पर सभी नन्हें बच्चों ने प्रभावशाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। सर्वप्रथम विद्यालय के हिन्दी माध्यम के प्राचार्य विजय कुमार यादव ने मां सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार यादव जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि हम अपने जीवन से प्यार करते हैं तो पेड़ पौधों से लगाव रखना अनिवार्य है। पेड़ पौधे हैं तो जीवन है। यदि पर्यावरण ही संतुलित नहीं रहा तो

जीवन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। हम सबका कर्तव्य बनता है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनको संरक्षित भी करें। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रीमा रानी पलांगे जी अपने उद्बोधन में हरित दिवस के महत्व को बताया है। उन्होंने बताया की यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो हमें अपनी प्रकृति की रक्षा करना और उसकी देखभाल करना हमारे कर्तव्य सिखाता है। हर किसी को हरित दिवस का हिस्सा बनना चाहिए, और अपनी पृथ्वी की रक्षा के लिए उन उपायों का पालन करना चाहिए जो यह हमें देता है। प्रकृति का संरक्षण और पृथ्वी की रक्षा करना प्रत्येक प्राणी का कर्तव्य है। हमारे ऊपर दैनिक आधार पर बहुत सी जिम्मेदारियाँ और कर्तव्य होते हैं जिन्हें हम समय पर पूरा करने का प्रयास करते हैं। लेकिन इन बातों में हम अक्सर भूल जाते हैं कि प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सेवा योजना के सहायक कार्यक्रम अधिकारी

सुदाम बेहेरा जी ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण की देखभाल के लिए निम्नलिखित उपायों का पालन करने की बात कही। हमारे आस-पास, जिसमें घर, पड़ोस, स्कूल, सड़कें आदि शामिल हैं, में पेड़ लगाना। पानी को बर्बाद न करें क्योंकि यह हर किसी की बुनियादी जरूरत है। वायु को प्रदूषित न करें। हमें कूड़ा-कचरा सड़कों पर या कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए, इसे कूड़ेदान में ही फेंकना चाहिए, क्योंकि यह हमारे छोटे-छोटे पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है। हमें झीलों, नदियों, समुद्रों आदि जैसे जल निकायों को प्रदूषित नहीं करना चाहिए। हमें अपनी प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए, और हमारे पर्यावरण में मौजूद सभी प्राकृतिक चीजों का संरक्षण करना चाहिए। यह ऐसा कुछ नहीं है जिसमें हम देरी कर सकें। हमें इसे अभी करने की जरूरत है। हम सभी ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों से अवगत हैं- सही दिशा में कदम उठाना हमारी जिम्मेदारी है अन्यथा हम भविष्य में प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। उक्त

कार्यक्रम में कक्षा- नर्सरी से यूकेजी तक के सभी नन्हें बच्चे पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जैसे- किसान, फल, फूल, पेड़, बादल, बटर- फ्लाई, गेड़ी, कैटर पीलर, तितली, बर्ड्स, बादल, वेजिटेबल आदि परिधान में विद्यालय पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया। उक्त कार्यक्रम में गायत्री यादव, सागर वैष्णव, आरती भारद्वाज, देवेन्द्र कुमारी मानिकपुरी, देव भारद्वाज, इंदू चन्द्रा, रीता यादव, पूजा चन्द्रा, पुष्पा खांडेकर, निशा सान्या एवं विद्यालय के समस्त शिक्षक/ शिक्षिकाएं, नॉन टीचिंग स्टाफ की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। उक्त कार्यक्रम विद्यालय के संचालक गुलाब सिंह चन्द्रा जी एवं अंग्रेजी माध्यम के प्राचार्य निशा चन्द्रा जी कुशल मार्गदर्शन एवं नर्सरी से यूकेजी के सभी टीचर के योगदान के कारण ग्रीन- डे कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।

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