जांजगीर-चांपा

जल जीवन मिशन फेल ग्रामीणों को बूंद भर नहीं मिला पानी

बिर्रा। जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपए का पानी टंकी का निर्माण किया गया है। जिसमें ग्रामीणों को दो बूंद भी पानी नहीं मिल पाया है। विडंबना यह है कि विभाग ने इस गांव की अब तक किसी तरह की सुध नहीं ली है। इसके चलते ग्रामीणों को इस गर्मी में भी पीने के लिए दो बूंद पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीण अपनी परंपरागत जल स्त्रोतों से पानी पीने मजबूर है।

गौरतलब है कि जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम सेमरिया में जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण किया गया है। योजना के तहत गांव के लोगों को भरपूर पानी मिलेगी इसकी काफी उम्मीद थी लेकिन यह उम्मीद लोगों के लिए नाइंसाफी साबित हो रहा है। दरअसल, ठेकेदार ने काम पूरा करने के बाद पलटकर नहीं देखा कि आखिर ग्रामीणों को पानी मिल रहा है या नहीं। सूत्रों से पता चला है कि यहां न तो बोर खनन हुआ है और न ही जल स्त्रोत का पता है। ऐसे में ग्रामीण टंकी को सफेद हाथी की तरह देखने को मजबूर हैं।

कलेक्टर जिम्मेदार

जल जीवन मिशन के समरी बोर्ड में बकायदा कलेक्टर को अध्यक्ष जिला जल स्वच्छता मिशन का अध्यक्ष बताया है। यानी कह सकते हैं कि पूरे मामले में कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। लेकिन कलेक्टर को इस बात का पता भी नहीं होगा कि सेमरिया में बिना पानी के टंकी में लाखों रुपए डूब गए और ग्रामीणों को बूंदभर पानी नहीं मिल पाया है।

3 साल बाद भी ठेकेदार का पता नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि सुभाष बोरवेल सरसीवां का रहने वाला है। अब ग्रामीण उसे खोज रहे हैं और उसे सबक सिखाना चाह रहे हैं। लेकिन ठेकेदार का पता नहीं है। विडंबना यह है कि पीएचई विभाग के अफसर भी पता नहीं लगा पा रहे हैं, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

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