जांजगीर-चांपा

धान, चावल, रंगीन मोती, स्टोन, ऊन से बना रही हैं सुंदर व आकर्षक राखियां

जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। जिसके तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जोड़कर उन्हें आजीविका मूलक गतिविधियों से संबल बनाया जा रहा है।

इसी कड़ी में बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रसोटा के स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा राखी त्यौहार के अवसर पर रंग बिरंगी और आकर्षक राखियां तैयार की जा रही हैं। यह राखियां भाई-बहनों के रिश्ते को मजबूत करेंगी। रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी और इस पवित्र रिश्ते को मजबूत बनाएगी। इस बंधन को मजबूत बनाने के लिए ग्राम रसोटा के जागृति स्व सहायता समूह की महिलाएं कड़ी मेहनत से राखियां तैयार कर रही हैं। यह राखियां धान, चावल, रूद्राक्ष, रंगीन मोती, स्टोन, ऊन सहित विभिन्न प्रकार के सजावटी सामग्रियों से बनाई जा रही है।

जागृति स्व सहायता समूह की सचिव श्रीमती सुनीता अनंत ने बताया की वे जब से बिहान योजना से जुड़ी हैं तब से घर मे ही रहकर उन्हें रोजगार मिल गया है। गांव की महिलाएं आपस में मिलकर पिछले तीन सालों से लगातार घर में राखियां बनाने का कार्य कर रही हैं। समूह की महिलाओं द्वारा बनाई गई राखियों को जनपद एवं आसपास के हाट-बाजार, दुकानों में बिक्री कर रहें हैं। जिनसे उन्हें लाभ प्राप्त हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। इन समूह की दीदियों द्वारा रेशम के धागे, धान, चावल, मूंग, मोती एवं अन्य सजावटी सामग्रियों का उपयोग कर हस्तनिर्मित पर्यावरण-सुरक्षित राखियों का निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य न केवल पारंपरिक कला को जीवित रखता है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त भी बना रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर इन राखियों की स्थानीय बाजार में मांग तेजी से बढ़ी है। राखी की बिक्री स्थानीय स्तर पर स्वयं समूह की महिलाओं द्वारा ही की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker