छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले एक सप्ताह तक झमाझम बारिश के आसार

रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो चुका है और इसके प्रभाव से प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला तेज होने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम तंत्र के कारण तीन जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से बादलों का डेरा बना हुआ है। बीच-बीच में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को उमस से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में दिनभर बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। रायपुर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश क्षेत्र के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी सिस्टम के प्रभाव से तीन जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियां और तेज होंगी।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कांकेर, कोंडागांव, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, नारायणपुर, रायगढ़, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 9 सेंटीमीटर वर्षा कुसमी में रिकॉर्ड की गई, जबकि पखांजूर में 7 सेंटीमीटर बारिश हुई। चंद्रपुर, मर्दापाल, गिधौरी और टुंड्रा में 5-5 सेंटीमीटर, शिवरीनारायण, कोटा और दंतेवाड़ा में 4-4 सेंटीमीटर तथा पौड़ी उपरोड़ा, गीदम, सामरी और दोरनापाल में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अन्य कई इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। प्रदेश में अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा में 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा।




