जांजगीर-चांपा

एक बार नहीं हजार बार कहेंगे जय श्री राम

बिर्रा। बम्हनीडीह विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बनडभरा के पूर्व सांसद प्रतिनिधि एवं पूर्व सरपंच स्व ओलेश्वर प्रसाद कौशिक जी के चतुर्थ पुण्यतिथि पर भब्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रवण सिंह पूर्व नोडल अधिकारी जांजगीर चांपा, डॉ परस शर्मा सेवानिवृत्त आयुर्वेद जिलाधिकारी, देवेश सिंह वरिष्ठ कांग्रेसी, रितेश रमण सिंह राजमहल बिर्रा, रविन्द्र शर्मा अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी बम्हनीडीह, रमेश पैगवार पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, शत्रुघन दास महंत अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी नवागढ़, कुणाल पांडेय नायब तहसीलदार, मणीलाल कश्यप, प्रमोद कश्यप, चंद्रकांत कश्यप सहित कलेक्टर कार्यालय के बाबू व कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ संगीत की धून चिठ्ठी ना कोई संदेश……के साथ नम आंखों से स्व. ओलेश्वर प्रसाद कौशिक जी के तैल्य चित्र पर दीप प्रज्वलित व उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान कौशिक सपरिवार द्वारा किया गया। अतिथियों ने स्व कौशिक जी के जीवन परिचय देते हुए अपनी बातें रखीं और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात आमंत्रित कवियों का मंच पर स्वागत सम्मान करते हुए मंच संचालक जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि आएं हैं तो काटेंगे इक रात तुम्हारी बस्ती में……चुटिले अंदाज से आमंत्रित कवियों का मंच पर स्वागत किया गया। सर्वप्रथम कवि सम्मेलन के संयोजक क्षेत्रीय कवि शशिभूषण स्नेही हास्य व्यंग गीत ने सभी कवियों का परिचय अपने विशेष अंदाज़ में करते हुए क्रमशः मंच पर कविता पाठ हेतु आमंत्रित किया। सर्वप्रथम मां सरस्वती वंदना के लिए एकमात्र कवियित्री श्रीमती निशा आनंद तिवारी ने प्रस्तुत कर मां शारदे को नमन किया। प्रथम कवि के रूप में ऋषि कुमार वर्मा बईगा ने अपनी बेहतरीन अंदाज से उपस्थित श्रोताओं से वाहवाही बटोरी। दुसरे क्रम में हास्य व्यंग बालोद से आए कैलाश कुंवारा जी ने भी शमां बांधा। श्रंगार रस की कवियित्री श्रीमती निशा तिवारी ने अपनी शैली में गीत ग़ज़ल प्रस्तुत कर श्रोताओं का प्यार बटोरने में सफल रहीं। ओजस्वी कवि दूर्ग भिलाई से ओमवीर करन ने अपनी ओज भरी कविता से अपनी कविता पाठ किया। सबरस कवि कमलेश यादव ने बहुत ही सुन्दर रचना से सबका मन मोहने में कामयाब रहे।परमाणु बम कवि के रूप में विख्यात हास्य व्यंग कवि कृष्णा भारती नांद घाट ने मंच पर आते ही धमाका किया और श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। अंत में सारंगढ़ से आए नवोदित कवि भागवत साहू ने अपनी प्रस्तुति में शिक्षा, राजनीति और अन्य विषयों पर काव्यात्मक शैली में प्रस्तुति दी। कवियों के संयोजक व अपनी शैली से शशिभूषण स्नेही ने हर गतिविधियों पर दर्शकों को रिझाने में कामयाब रहे। सभी अतिथियों और कविजनों का शाल श्रीफल पुष्पमाला और स्मति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन को लेकर महेंद्र कौशिक, श्रीमती शकुंतला कौशिक, राजेन्द्र कौशिक, श्रीमती भू- लता कौशिक, टिकेंद्र कौशिक, श्रीमती कौशल्या देवी, नीता कश्यप सपरिवार सहित विनोद कुमार कश्यप, प्रमोद कुमार कश्यप, ठंडाराम कश्यप, आगाश राम कश्यप, अरूण कुमार कश्यप, हेमंत कश्यप, कृष्णा कश्यप, एकांश पटेल, कमल खूंटे, चंद्रभूषण कश्यप, तुलसी श्रीवास, सरवन राजा यादव, कृष्णों कश्यप, शैलेन्द्र कश्यप, सरोज कश्यप, दिलहरण कश्यप, नेतराम कश्यप, योगेश्वर प्रसाद खूंटे, पूरन चंद्रा, नंद चंद्रा, पूनीराम कश्यप, मनोज कुमार कश्यप सहित सहयोगी जनों का विशेष योगदान रहा।

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