संगीत सामाजिक समरसता का सशक्त संवाहक – उदयन बेहार

जांजगीर-चांपा। कजरी झुला महोत्सव 2026 का आयोजन संस्कार भारती जिला सक्ती के तत्वाधान में रविवार 16 अगस्त 2026 को आचार्य चाणक्य सभागार बिर्रा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार मुख्य आतिथ्य, मणिलाल कश्यप की अध्यक्षता, राजेंद्र शर्मा भागवताचार्य, योगेश शर्मा सह प्रांत संयोजक सामाजिक समरसता, अजय शराफ मंडल संघचालक, एकादशियां साहू, बी एल चंद्राकर सह प्रांत प्रमुख पेंशनर समाज, धनेश मिश्रा संचालक वंदे मातरम स्कूल नवागढ़, रायपुर से पधारे हुए अंतरराष्ट्रीय कलाकार किशन देवांगन बी ग्रेड हाई आर्टिस्ट कलाकार गायक के रूप में तथा तबला संगत ए हाई ग्रेड आर्टिस्ट कलाकार तालमणि अशोक कुमार कूर्म के विशिष्ट आतिथ्य में वीणा पाणी, भगवान राधा कृष्ण तथा भगवान नटराज के तेलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि बेहार ने कहा संगीत और पुलिस प्रशासन दोनों की राहें अलग-अलग है परंतु दोनों की मंजिल एक है। संगीत से सामाजिक समरसता का निर्माण हो रहा है और पुलिस प्रशासन भी चाहता है सामाजिक सौहार्द बनी रहे। यहां आकर इसकी अनुभूति हुई। राजेंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कजरी शब्द में ही आत्मीयता का बोध होता है। हमारी संस्कृति हमारी विरासत का भान होता है। ऐसे कार्यक्रम आने वाली पीढ़ी को संदेश जाता है कि हम अपनी संस्कृति, संस्कार ओर प्रकृति से जुड़े रहे। योगेश शर्मा ने कहा कजरी झुला महोत्सव नारी शक्ति को समर्पित पर्व है। सावन के महिने में हमारी मातायें प्रकृति से जुड़ती है। वर्ष भर का थकान मिटाकर अपने जीवन में उल्लास का संचार करती है। गीतों द्वारा अपनी मनोभाव प्रकट करती है।
दोनों कलाकारों का सम्मान अतिथियों द्वारा शाल श्रीफल, सुमन माला, अभिनंदन पत्र, गीता दैनंदिनि से किया। अतिथियों का सम्मान डॉ जितेंद्र पटेल, संत राम बर्मन, रामकिशोर देवांगन, प्रवीण तिवारी, कृष्णों लाल चंदन के द्वारा शाल, श्री फल, सुमन माला तथा रामायण ग्रन्थ प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम में गायन पर श्री किशन देवांगन, तबले में संगत तालमणि अशोक कुमार कूर्म, तानपुरा में प्रवीण तिवारी तथा हारमोनियम पर संगत के आर कश्यप ने किया।
कजरी के क्रम में बनारसी कजरी बरसन लागी बदरिया, मिर्जापुरी कजरी सैयाँ पाई ना ही सैया को एवं अत्यंत मधुर झुला, झुला धीरे झुलावो सावरिया प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में संस्कार भारती से संतराम बर्मन, डॉ जितेंद्र पटेल, दुष्यंत साहू, चन्दन कश्यप, कृष्णों लाल साहू, के एल यादव, रामकिशोर देवांगन, प्रकाश चंद कश्यप, अभिषेक देवांगन, तोषण तिवारी, धनेश मिश्रा, मनोज कश्यप, हिरदे दास महंत, संतोष देवांगन तथा सैकड़ों की तादात में श्रोताओ ने मंत्रमुग्ध होकर कजरी, डुमरी तथा वर्षा ऋतु के गीतों का आनंद लिए।




