रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में जटिल ऑपरेशन कर बचाई तड़पती गाय की जान

सक्ती। विकास खंड जैजैपुर के ग्राम ठठरी में पशुपालन विभाग की संवेदनशीलता और डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई से एक मूक पशु को नया जीवन मिला है। दोपहर से असहनीय दर्द से तड़प रही एक गाय का डॉक्टरों की टीम ने रात 11 बजे आपातकालीन ऑपरेशन (सी सेक्शन सर्जरी) कर उसकी जान बचाई। दोपहर से दर्द से तड़प रही थी गाय ग्राम ठठरी निवासी पशुपालक सौखिलाल कर्ष की गाय कल दोपहर से गंभीर दर्द से पीड़ित थी। गाय की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिससे पशुपालक का पूरा परिवार बेहद चिंतित था। इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पशु चिकित्सा टीम को दी गई।

उप संचालक डॉ. नदीम शम्स के निर्देशन में हुई कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के उप संचालक (पशुचिकित्सा सेवायें, जिला सक्ती) डॉ. नदीम शम्स ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके त्वरित निर्देशों के बाद, डॉक्टरों की एक विशेष टीम को बिना समय गंवाए मौके पर रवाना किया गया। अंधेरे की चुनौती को मात देकर डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशनरात का समय होने के कारण टीम के सामने पर्याप्त रोशनी और संसाधनों की बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद, मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. जैनेंद्र खूंटे के नेतृत्व में सहयोगी श्री उमाशंकर और श्री संतोष लहरे ने हिम्मत नहीं हारी। टीम ने रात के अंधेरे में ही टॉर्च की सीमित रोशनी की मदद से गाय का अत्यंत जटिल आपातकालीन ऑपरेशन शुरू किया। घंटों चली कड़ी मशक्कत के बाद यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा।
पशुपालक ने जताया आभार
समय पर मिले इलाज के बाद गाय की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है। संकट की घड़ी में देवदूत बनकर पहुंचे डॉक्टरों के इस साहसिक कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। पशुपालक श्री सौखिलाल कर्ष ने उप संचालक डॉ. नदीम और डॉ. जैनेंद्र सहित पूरी डॉक्टर टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है।




