सपनों को साकार करने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा : बीईओ बंसतकुमार

जांजगीर-चांपा। जिले के संकुल केंद्र सेमरिया के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में छह संकुलों का संयुक्त मासिक एवं शैक्षणिक गणितीय आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बंसतकुमार चतुर्वेदी, खंड समन्वयक एच.के. बेहार, संकुल प्राचार्य शिव पटेल, रमेश मेहरा, उल्लास साक्षरता परियोजना अधिकारी उमेश दुबे सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में बीईओ बंसतकुमार चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा वह सपना है जो सपनों को साकार करने की शक्ति रखती है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि गणितीय खेलों और नवाचारों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता को और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों को कार्यशाला से प्राप्त अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करने की बात कही। बीईओ ने शासन की मंशानुरूप प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के बच्चों में पढ़ने, गिनती, बारहखड़ी, पहाड़ा तथा लेखन दक्षता विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही सभी शिक्षकों को सीजी वीएचआरएस के माध्यम से नियमित उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश भी दिए।
खंड समन्वयक एच.के. बेहार ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के रित्विक अनंत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खेल-आधारित शिक्षण पद्धति का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में नवाचार अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर नवपदस्थ बीईओ बंसतकुमार चतुर्वेदी एवं खंड समन्वयक एच.के. बेहार का शाल, श्रीफल एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मान किया गया। विद्यालय के शिक्षक भरत कश्यप एवं दिलेश्वर डड़सेना सहित शिक्षकों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत बीईओ श्री चतुर्वेदी ने कहा कि यह सम्मान उनके जीवन के यादगार पलों में से एक रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत काजू, आंवला एवं अमरूद के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन विश्वनाथ कश्यप ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्राचार्य रमेश मेहरा ने किया। कार्यशाला में छह संकुलों के बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।




