छत्तीसगढ़ के लाल को दिल्ली में मिला नेशनल अवार्ड : युवा कम्युनिटी चैंपियन अवार्ड से सम्मानित

जांजगीर-चांपा। जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत बनडभरा गांव से सामाजिक कार्यकर्ता कुंजी लाल विश्वकर्मा पिता सडवा विश्वकर्मा और फूलेश कुमार कश्यप पिता रामचरण कश्यप को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्हें नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (एनआईएफएए) द्वारा युवा कम्युनिटी चैंपियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। कुंजी लाल विश्वकर्मा को यह राष्ट्रीय सम्मान शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्त दान, मानसिक स्वास्थ्य और बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में उनके नियमित और समर्पित कार्य के लिए दिया गया है एवं फूलेश कश्यप को अधिक मात्रा में वृक्षारोपण और बच्चों को निःस्वार्थ भाव से शिक्षा देना तथा मानसिक स्वास्थ्य के विषय में जुड़कर काम करने के लिए मिला। अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में रहकर, कुंजी लाल विश्वकर्मा और फूलेश कुमार कश्यप ने समाज की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने और वंचितों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में अथक प्रयास किए हैं।
सेवा के 25 गौरवशाली वर्ष पर सम्मान
यह पुरस्कार एनआईएफएए के सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन – 25 गौरवशाली वर्ष समारोह के दौरान दिया गया। इस समारोह में उपस्थित प्रीतपाल पन्नू जी (चेयरमैन निफ़ा), हरविंदर कल्याण (हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष), संजय पंजवानी (वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस इंग्लैंड), मंगल दूबे इण्डो (रशिया कल्चरल सोसाइटी डायरेक्टर), पराग गप्पा (सुवा जन सेवक इंक यूथ प्रेसिडेंट), स्वामी प्रेम मूर्ति जी (मानव सेवा संघ प्रमुख), डॉ लाजपत राइ चौधरी (मुख्य संरक्षक), डॉ अंजू सिंह (महारानी सिंगरा मोउ जौनपुर उत्तर प्रदेश), संदीप सिंह (दुबई प्रतिनिधि), मॉरीशस, जापान, दुबई, इंग्लैंड, कैनेडा के प्रेसिडेंट, पद्मश्री हरियाणा विधायक उपस्थित रहे और इस समारोह में देशभर के कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय एकता का भव्य प्रदर्शन
एनआईएफएए के इस गरिमामय समारोह का एक मुख्य आकर्षण देश की राष्ट्रीय एकता का शानदार प्रदर्शन था। सम्मान समारोह से पहले, करनाल में सभी राज्यों के स्वयंसेवियों द्वारा एक भव्य रैली निकाली गई। इस रैली में देश के सभी राज्यों के प्रतिभागी अपने-अपने राजकीय वेशभूषा में शामिल हुए, जो भारत की विविधता में एकता का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ राष्ट्रीय एकता के नारे लगाए, जिसने समारोह के माहौल को और भी अधिक प्रेरणादायक बना दिया। स्थानीय लोगों ने कुंजी लाल और फूलेश कुमार कश्यप की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की है और इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया है। यह राष्ट्रीय पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि समर्पण और लगन से किया गया काम किसी भी छोटे से स्थान से बड़े मंच तक पहुंच सकता है।



