एक दिवसीय दीपावली कुटुम्ब प्रबोधन व स्नेह मिलन समारोह का आयोजन

जांजगीर-चांपा। संस्कार भारती जिला ईकाई सक्ती द्वारा चाणक्य भवन बिर्रा में 5 दिसम्बर को दीपावली स्नेह मिलन एवं कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता सरस्वती शिशु मंदिर बिर्रा के प्राचार्य सुप्रिया शुक्ला ने मौजूदा दौर में सामाजिक समरसता एवं एकजूट समाज बनाने की महत्ती आवश्यकता को मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा सामाजिक सद्भाव एवं समृद्ध समाज की संकल्पना सभी के समक्ष रखें। जिस तरह से हमारे हाथ में अंगुठा सहित उंगलियों का महत्व है जो भले ही एक साथ है पर सबकी जिम्मेदारी अलग-अलग होकर भी जब मुठ्ठी बन जाता है उसी तरह से परिवार को संगठित होना दर्शाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगीत महाविद्यालय हसौद के प्राचार्य के आर कश्यप ने संस्कार भारती की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हमें कुटुम्ब प्रबोधन के उद्देश्य को लेकर चलना होगा ताकि पहले की तरह परिवार में एकजूटता बनी रहे। इससे पहले इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर हुआ। सरस्वती वंदना शारदा संगीत विद्यालय बिर्रा के छात्र प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी। जिसमें सरस्वती वंदना स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिवेदन महामंत्री मनोज कुमार तिवारी ने कुटुम्ब प्रबोधन के पांच प्रमुख उद्देश्य को विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पहले की तरह हमें अपने जीवन शैली बनाने परिवार की एकजुटता जैसे भजन, भोजन, वेशभूषा पारिवारिक चर्चा और सामाजिक समरसता पर एक साथ सामंजस्य बनाना होगा क्यूंकि आज मोबाइल की वज़ह हम सब एक दूसरे से कट गए हैं इसी को बच्चों में संस्कार देना कुटुम्ब का प्रायोजन है। मिडिया प्रभारी जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विचार-परिवार कुटुम्ब स्नेह मिलन था, जिसमें विचार परिवार से जुड़े संस्कार भारती सदस्य व संस्कार मित्रों ने भाग लिया। आयोजित कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पेंशनधारी संघ तहसील नवागढ़ सचिव विशालनाथ तिवारी, वंदेमातरम विद्यालय नवागढ़ के संचालक धनेश कुमार मिश्रा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम परिवार संस्कारों, सामाजिक एकजुटता और सामूहिक विचारों को साझा करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार साथी ने एक-दूसरे को पावन पर्व दीपावली की शुभकामनाएं दीं और परिवारों के बीच सहयोग, एकता और सामाजिक मूल्यों के महत्व पर चर्चा की। कुटुम्ब मिलन का यह आयोजन पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को प्रोत्साहित करने वाली एक पाठशाला के रूप में देखा गया।
आयोजकों ने यह बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि परिवार और समाज में आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने पर जोर देना था। उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और यह भी चर्चा की कि कैसे पारिवारिक संस्कार और सामूहिक गतिविधियां सामाजिक समरसता में योगदान कर सकती हैं। सभी उपस्थित सदस्यों का श्रीफल व तिलक वंदन कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर तोषण तिवारी, लखनलाल कश्यप, सेवानिवृत्त एसडीओ जल संसाधन, बनवारीलाल कश्यप, पुष्पा पटेल, रामगोपाल तिवारी, सनद वर्मा, कृष्णों साहू, कमल खूंटे, बीएल सागर, अनीता सागर, ध्रुव कहार, मनोज कश्यप, सुमंत कुमार, छबि कुमार पटेल, यादव सर, प्रमोद कश्यप सहित बड़ी संख्या में संस्कार मित्र उपस्थित थे। आगामी कार्यक्रम संविधान नागरिक प्रबोधन की जानकारी व स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री मनोज तिवारी ने किया।




