सम्मान और सुरक्षा के लिए समर्पित भूमिहीन कृषि मजदूर योजना : मोहन कुमारी

जांजगीर-चांपा। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत सभापति मोहन कुमारी साहू ने कहा कि यह जनकल्याणकारी योजना जो समाज के उस वर्ग के सम्मान और सुरक्षा के लिए समर्पित है, जो दिन-रात मेहनत करके हमारे खेतों को हरा-भरा बनाता है — हमारे भूमिहीन कृषि मजदूर भाई-बहन।
कुमारी साहू ने आगे कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि अंत्योदय की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने एकात्म मानववाद का विचार दिया था, जिसमें हर व्यक्ति के सम्मान और आत्मनिर्भर जीवन की कल्पना की गई है। उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और बेहतर जीवन प्रदान करने का कार्य कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे कृषि मजदूर खेतों में मेहनत कर देश की खाद्य व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। इसलिए उनका कल्याण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है। इस योजना के माध्यम से सरकार मजदूर परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने, उन्हें सुरक्षा प्रदान करने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गांवों का समग्र विकास संभव होगा। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर इस योजना की जानकारी हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचाएँ, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इसके लाभ से वंचित न रहे। हम सब मिलकर संकल्प लें कि समाज के हर श्रमिक का सम्मान करेंगे और विकास की इस यात्रा में सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।




