
सक्ती। शासन के निर्देशानुसार शासकीय वेदराम महाविद्यालय मालखरौदा में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि भी श्रद्धांजलि के साथ याद की गई। कार्यक्रम में प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली। कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल एवं इंदिरा गांधी के छाया चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य डॉ. बी.डी. जांगड़े ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के पश्चात् भारत के 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्र को एकजुट करने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उस कठिन दौर में जब देश टुकड़ों में बंटने की कगार पर था, तब उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व ने भारत को मजबूत एकता प्रदान की। आज भी उनकी नीतियां और दूरदर्शिता देश की अखंडता में झलकती हैं। डॉ. जांगड़े ने पटेल को भारत का बिस्मार्क बताते हुए कहा कि वे लौह पुरुष के रूप में सदैव याद किए जाएंगे।
भूगोल विभागाध्यक्ष श्री राजकुमार कुर्रे ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता को देश की अखंडता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की एकता नीति आज भी प्रासंगिक है और हमें इसे मजबूत बनाना चाहिए। साथ ही, देश की आयरन लेडी श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके साहसी नेतृत्व और राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों को याद किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राओं ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सद्भाव बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने सभी में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की।




