ट्रेनिंग पूर्ण कर गांव लौटे सूबेदार पुष्पेंद्रराज खटर्जी का भव्य स्वागत, क्षेत्र में खुशी की लहर

सक्ती। जिले के ग्राम पंचायत धमनी में उस समय उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब गांव के होनहार युवक पुष्पेंद्रराज खटर्जी एक वर्ष की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर सूबेदार पद पर चयनित होकर अपने गृह ग्राम लौटे। उनके आगमन पर ग्रामीणों, परिजनों और मित्रों ने ढोल-नगाड़ों, डीजे और देशभक्ति गीतों के साथ भव्य स्वागत किया। पूरे गांव में जश्न का माहौल रहा और हर कोई इस उपलब्धि पर गर्व करता नजर आया। पुष्पेंद्रराज खटर्जी का चयन छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार पद पर हुआ है। ट्रेनिंग पूर्ण करने के बाद पहली बार गांव पहुंचने पर लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। युवा साथियों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य किया, वहीं बुजुर्गों ने आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पुष्पेंद्रराज बचपन से ही मेधावी और परिश्रमी रहे हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर मेहनत की। उनके पिता स्वर्गीय छोटेलाल खटर्जी ग्राम पंचायत धमनी के कई बार सरपंच रहे और एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे। उनके असामयिक निधन के बाद परिवार पर संकट आ गया था और घर की जिम्मेदारी उनकी माता एवं बहन पर आ गई थी। कम उम्र में ही पिता का साया सिर से उठ जाने के बावजूद पुष्पेंद्रराज ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा और निरंतर प्रयास करते हुए यह मुकाम हासिल किया। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
इस स्वागत कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दीपक मधुकर (सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम धमनी), विजय केशी (जनपद सदस्य), युवराज साहू (उपसरपंच), ननकीदाऊ खटर्जी, लक्ष्मी प्रसाद बंजारे, कुमारजीव खटर्जी, मनोज खटर्ज़ी, बिहारी खटर्जी, संदीप मनहर, सुरेंद्र खटर्ज़ी, विकास मधुकर, विजेंद्र अमरपाल खटर्जी, दीपेश मधुकर, गणेश धीरहे, सम्मेलल मधुकर, विजय खटर्जी, प्रदीप खटर्जी, सोनू निराला, पेशराम खूंटे, रिक्सन कोयल, रोहित कोयल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और महिलाएं उपस्थित रहे। पुष्पेंद्रराज की इस उपलब्धि से पूरा गांव गौरवान्वित है। ग्रामीणों ने कहा कि यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है और इससे अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने का उत्साह मिलेगा। गांव में हुए इस स्वागत कार्यक्रम ने न केवल एक युवा की सफलता का जश्न मनाया, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक संदेश भी लेकर आया है।



